राजस्थान में न्यायिक प्रणाली में कल अनूठा दिन

जोधपुर मुख्य पीठ के सभी न्यायाधीश जयपुर पीठ में बैठकर सनी करेंगे इसे यूं कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी 25 अप्रैल को राजस्थान की राजधानी जयपुर के साथ-साथ जयपुर 1 दिन के लिए न्यायिक राजधानी बनने जा रहा है। 
राजस्थान में न्यायिक प्रणाली में कल अनूठा दिन

जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट की न्यायिक इतिहास में पहली बार 25 अप्रैल शनिवार को एक अनूठा दिन बनने जा रहा है जब जोधपुर मुख्य पीठ के सभी न्यायाधीश जयपुर पीठ में बैठकर सनी करेंगे इसे यूं कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी 25 अप्रैल को राजस्थान की राजधानी जयपुर के साथ-साथ जयपुर 1 दिन के लिए न्यायिक राजधानी बनने जा रहा है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के आदेश से जारी रोस्टर के अनुसार 25 अप्रैल को राजस्थान हाईकोर्ट में 4 लार्जर बेंच, 6 खंडपीठ और 15 एकलपीठ गठित की गई हैं, जो अपने आप में रिकॉर्ड माना जा रहा है। हाईकोर्ट स्थापना के बाद संभवतः पहली बार एक साथ चार वृहदपीठों का गठन हुआ है।

विशेष बात यह है कि जोधपुर मुख्यपीठ के मामलों की सुनवाई भी जयपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। जस्टिस विनीत माथुर, जस्टिस कुलदीप माथुर और जस्टिस नुपुर भाटी की वृहदपीठ जयपुर से जोधपुर के दीवानी मामलों की सुनवाई करेगी। हालांकि तकनीकी चुनौतियों और नेटवर्क समस्याओं को लेकर अधिवक्ताओं में चिंता भी जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के जयपुर दौरे और कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में प्रस्तावित कार्यक्रम के चलते यह विशेष सिटिंग व्यवस्था की गई है। यह प्रयोग न्यायिक व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। दूसरी और‌ राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन जोधपुर, राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन जोधपुर और राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर द्वारा 7 मार्च 2026 और 25 अप्रैल 2026 को न्यायिक कार्य को न्यायिक नहीं करने का निर्णय लिया था।‌ बताया जा‌ रहा‌ है की‌ अब अधिवक्ता समूहों में लगातार प्रसारित किया जा रहा है।

विदित है कि 20 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना के तहत प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को कार्य दिवस घोषित किए जाने के निर्णय का अधिवक्ता लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी के विरोध में 25 अप्रैल को बहिष्कार की घोषणा की गई है।

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