अब RGHS में चिकित्सकों को यह करना होगा

बढ़ते फर्जीवाड़े पर सरकार का एक्शन,नहीं मिलेगा क्लेम और होगी कार्रवाई अगर यह हुआ तो(डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार )
अब RGHS में चिकित्सकों को यह करना होगा

जयपुर। सरकारी कर्मचारी और पेंशनरों के लिए राजस्थान सरकार द्वारा चालू की गई राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम आरजीएचएस (RGHS) योजना में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार एक के बाद एक कदम उठा रही है और इसी कड़ी में सरकार है विभाग ने एक और कदम उठाते हुए कड़े निर्देशन निर्देश जारी किए गए हैं इन निर्देशों के तहत चिकित्सक को प्रमाणीकरण करना होगा।

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के अंतर्गत जारी होने वाले चिकित्सकीय परामर्श एवं प्रिस्क्रिप्शन की विश्वसनीयता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।

जांच में यह आया सामने

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए है कि कुछ मामलों में लाभार्थियों की प्रिस्क्रिप्शन/पर्चियां जूनियर रेजिडेंट अथवा अन्य कार्मिकों द्वारा तैयार एवं हस्ताक्षरित की जा रही हैं तथा संबंधित आरजीएचएस से संबद्ध पंजीकृत चिकित्सक (आरएमपी) द्वारा उनका सत्यापन एवं प्रमाणीकरण नहीं किया जा रहा है।

अब चिकित्सक को यह करना होगा

राठौड़ ने बताया कि नए निर्देशों के अनुसार प्रत्येक आरजीएचएस प्रिस्क्रिप्शन को संबंधित एम्पैनल्ड चिकित्सक द्वारा व्यक्तिगत रूप से जांचना, सत्यापित करना तथा अपने हस्ताक्षर एवं मुहर से प्रमाणित करना अनिवार्य होगा

अब यह नहीं कर सकेंगे

आरजीएचएस की परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने बताया कि प्रिस्क्रिप्शन तैयार करने, क्लिनिकल विवरण दर्ज करने अथवा डेटा एंट्री में संस्थागत नियमों के अनुसार सहयोग लिया जा सकता है, लेकिन रोगी के क्लिनिकल,निष्कर्ष, निदान, निर्धारित दवाइयों, जांचों तथा उपचार की अंतिम जिम्मेदारी संबंधित एम्पैनल्ड चिकित्सक की ही होगी।

उन्होंने बताया कि नए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी अन्य व्यक्ति संबंधित चिकित्सक की ओर से प्रिस्क्रिप्शन पर हस्ताक्षर अथवा प्रमाणीकरण नहीं कर सकेगा।

नहीं मिलेगा क्लेम और होगी कार्रवाई

डॉ. पटेल ने बताया कि संबंधित संबद्ध चिकित्सक द्वारा विधिवत सत्यापित एवं प्रमाणित नहीं किए गए प्रिस्क्रिप्शन को आरजीएचएस क्लेम की जांच एवं पुनर्भरण के दौरान नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता है तथा संबंधित आरजीएचएस दिशा-निर्देशों एवं एम्पैनलमेंट की शर्तों के अनुसार उचित कार्रवाई की जा सकती है।आरजीएचएस से संबद्ध सभी अस्पतालों को इन निर्देशों की तत्काल एवं सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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