BJP-कांग्रेस का नया ‘सिंबल फॉर्मूला,बगावत रोकने के लिए नामों पर पर्दा!

( डॉ. चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार ) निकाय चुनाव-2026,टिकट के ऐलान से पहले ही सियासी रणनीति बदली
BJP-कांग्रेस का नया ‘सिंबल फॉर्मूला,बगावत रोकने के लिए नामों पर पर्दा!

जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने बगावत की आशंका के बीच अपनी रणनीति बदलने की तैयारी कर ली है। दोनों प्रमुख दल कई विवादित वार्डों में प्रत्याशियों की सार्वजनिक सूची जारी करने के बजाय अब सीधे अधिकृत प्रत्याशी को पार्टी का चुनाव चिह्न देने का फॉर्मूला अपना सकते हैं ?

दरअसल, एक-एक वार्ड से कई दावेदार होने और टिकट कटने के बाद बगावत की आशंका ने दोनों दलों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व अंतिम समय तक प्रत्याशी के नाम को गोपनीय रखने के विकल्प पर काम कर रहा है।

भाजपा में नाम तय, लेकिन ऐलान से परहेज

भाजपा ने कई स्तरों पर संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन किया है। पार्टी की रणनीति के मुताबिक जहां नाम पर सहमति बन गई है, वहां संबंधित पदाधिकारियों को अधिकृत प्रत्याशी को सिंबल देने की व्यवस्था की जा सकती है। इसका मकसद साफ है टिकट की घोषणा होते ही शुरू होने वाली नाराजगी, विरोध और निर्दलीय बगावत को आखिरी समय तक टालना।

कांग्रेस भी इसी राह पर

भाजपा के बाद कांग्रेस में भी इसी तरह के फॉर्मूले पर काम होने की जानकारी सामने आई है। विवादित वार्डों में प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक करने के बजाय सीधे अधिकृत उम्मीदवार तक सिंबल पहुंचाने की रणनीति अपनाई जा सकती है। हालांकि जहां टिकट को लेकर सहमति है, वहां सामान्य तरीके से नाम घोषित किए जाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।

‘नाम’ से ज्यादा अब ‘सिंबल’ पर भरोसा

निकाय चुनाव में स्थानीय समीकरण और व्यक्तिगत प्रभाव बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में दोनों दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट के दावेदारों को साथ रखने की है। पार्टी नेतृत्व का आकलन है कि प्रत्याशी का नाम पहले सार्वजनिक होने से टिकट से वंचित दावेदारों को बगावत का मौका मिल सकता है। इसलिए अंतिम समय में अधिकृत प्रत्याशी के हाथ में सिंबल देकर चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति को ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है।

अब आखिरी 48 घंटे होंगे बेहद अहम

नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दौर के साथ ही दोनों दलों की असली परीक्षा शुरू होगी। किस वार्ड में कौन सा चेहरा मैदान में उतरेगा, किसे मनाया जाएगा और कहां पार्टी को बगावत का सामना करना पड़ेगा इसका फैसला अंतिम समय में ही साफ होगा।यानी इस बार निकाय चुनाव में टिकट की घोषणा से ज्यादा दिलचस्प होगा किसके हाथ में आखिरी समय पर पार्टी का सिंबल पहुंचता है।

कब तक है नामांकन

की आखरी तारीख

निकाय चुनाव में नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 31 अगस्त नामांकन दाखिल की अंतिम दिनांक है और नाम वापसी 3 सितंबर 3:00 तक वापस लिए जा सकते हैं। किसी दिन राजनीतिक पार्टियों द्वारा चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाएगा।

भीलवाड़ा में तो महिलाओं ने खोला भाजपा के खिलाफ मोर्चा

भीलवाड़ा नगर निगम के चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी और अपने ही सांसद एवं हारे हुए विधायक तथा निर्दलीय विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और यही नहीं इस कड़ी में उन्होंने भाजपा कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है तथा आत्मदत की चेतावनी भी दे दी है महिला मोर्चा के इस उग्र रूप को देखकर भाजपा के नेताओं की चूले हिल गई है ।

कितने चरणों में होगा मतदान

प्रथम चरण — 9 सितंबर 2026 को मतदान

द्वितीय चरण — 11 सितंबर 2026 को मतदान

मतगणना एवं परिणाम — 14 सितंबर 2026

निकाय चुनाव कार्यक्रम एक नजर में

– 27 अगस्त 2026 — चुनाव अधिसूचना एवं नामांकन प्रक्रिया शुरू

– 3 सितंबर 2026 — नाम वापसी की अंतिम तिथि

– 9 सितंबर 2026 — प्रथम चरण का मतदान

– 11 सितंबर 2026 — द्वितीय चरण का मतदान

– 14 सितंबर 2026 — मतगणना एवं परिणाम

– 21 सितंबर 2026 — महापौर/सभापति/नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव

– 22 सितंबर 2026 — उपमहापौर/उपसभापति/नगरपालिका उपाध्यक्ष का चुनाव

10 नगर निगम में चुनाव कब

9 सितंबर को भीलवाड़ा, भरतपुर,अलवर, पाली मैं चुनाव होंगे

11 सितंबर को जयपुर, अजमेर ,बीकानेर ,जोधपुर, कोटा ,उदयपुर में चुनाव होंगे।

कैसे होगा मतदान

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा है कि सभी शहरी निकायों में ईवीएम (EVM) से मतदान होगा। निकाय चुनाव में 1.15 लाख कर्मचारी लगेंगे और व्यवस्था में 98709 पुलिसकर्मी लगेंगे तथा उम्मीदवारों को 15 दिन में चुनाव खर्च का हिसाब देना होगा।

नगर सभापति और नगर पालिका अध्यक्षों में यह रहेगा आरक्षण

309 निकालो में से 60 निकाय प्रमुखों के पद ओबीसी के लिए आरक्षित है 50 निकायों में एससी और 11 निकायों में एसटी के लिए निकाय प्रमुख पद आरक्षित हैं।

वार्डों में आरक्षण की स्थिति यह है

प्रदेश में 309 निकायों में 3356 महिला पार्षद बनेगी हर श्रेणी में 33 प्रतिशत वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। कुल वार्ड 10245 है इनमें से 1933 वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित है एससी के लिए 1794 एसटी के लिए 395 वार्ड आरक्षित किए गए‌ सबसे अधिक वार्ड 6123 अनारक्षित रखे गए हैं इनमें से 4120 वार्ड अनारक्षित ओपन और 2003 वार्ड अनारक्षित महिला के हैं।

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